जम्मू कश्मीर धारा 370: स्वर्ग को नर्क बनाने का रास्ता साफ ?

जम्मू कश्मीर धारा 370: स्वर्ग को नर्क बनाने का रास्ता साफ ?

आप विद्वानों के लिए थोड़े से शब्द लिखे है जिनका मतलब बहुत गहरा है, सोचिए, ये देश आप का है, 370 के शोर में कुलदीप सेंगर ओर उन्नाव कहाँ दब गया सोचा किसी ने ? आप क्यों सोचोगे शाम को परिवार के लिए रोज़ी रोटी जो कमानी है,

सही कहा था
*एडोल्फ हिट्लर ने
लोगों को गुलाम बनाने के लिए इतना भूखा रखो कि वो पेट भरने के सिवा कुछ और ना सोच पाएं की राजनीति में क्या खेल चल रहा है*

आर्टिकल 370,
प्रधानमंतरी को लगता है कश्मीर में सीमैंट की बोरी 440 रुपये की है यानी 100 रुपये महंगी, वहां के लोगो को घर बनाने में परेशानी होती है, इस लिए 370 हटा दिया गया, मतलब बड़ी बड़ी सीमेंट फैक्ट्री लगेंगी, सवाल उठता है, ये फेक्ट्री किसकी होंगी आप की या मेरी ?

वीडियो:जम्मू कश्मीर: प्रो.मनोज झा सांसद, राज्यसभा धारा 370 पर ज़बर्दस्त भाषण

माफ़ करना दोस्तों दर्द इस लिए नहीं के मामला हिन्दू मुस्लिम का है, दर्द उस लिए के प्रकृति का स्वर्ग बर्बाद हो जाएगा और इस स्वर्ग को हमारे देश के सत्ता के लोभी राजनेता अपने स्वार्थ के लिए बर्बाद कर रहे है और हम मूक दर्शक बन कर देख रहे है,

और कार भी क्या सकते है, शाम को घर वालों के लिए रोटी रोज़ी दावा दारू का इंतज़ाम जो करना है, एक बार फिर सोचिए बड़े बड़े उद्योग किस के होंगे ?




आप की और हमारी छमता तो है नहीं उद्योग लगाने की, सोच तो लीजिए बड़ी बड़ी फैक्ट्रीयों की चिमनी से निकलते प्रदूषण में भी सब साफ़ नज़र आने लगेगा
सोच कर तो देखिए ।
लेखक: ऑथर आसिफ खान हैं ।
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