कन्हैया कुमार नामांकन रैली, जनसैलाब सड़कों पर उमडा

कन्हैया कुमार नामांकन रैली, जनसैलाब सड़कों पर उमडा

बेगूसराय: जिस देश में प्रधान मंत्री द्वारा किये गए वादे पांच साल बाद भी जुमला साबित हो जाएँ, उस देश में एक शैक्षणिक संस्थान JNU से एक छात्र लापता होता है जिसका नाम नजीब था, नजीब की माता देश की हर उस चौखट पर माथा पीटती रही जहाँ से उन्हें उम्मीद होती है की यहाँ मुझे इंसाफ मिलेगा आख़िरकार देश की बड़ी से बड़ी जाँच एजेंसियां नजीब का पता नहीं लगा पातीं, नीचे फोटो पर किलिक करें और वीडियो देखें  और आज तक भी उस माँ का लाल नहीं मिला, लेकिन JNU से एक लाल क्रांति की शुरुआत हुई, जिसके नायक उमर ख़ालिद, कन्हैया कुमार, शेहला रशीद, जिग्नेश मेवानी, एवं अन्य कई ऐसे नाम जो मुझसे यहाँ छूट गए, आज इन्हीं नमो ने देश में क्रांति की मशाल जला दी है, और हर तरफ लाल सलाम की गूंज सुनाई दे रही है, राजनैतिक पंडितों का मनना है की देश में एक नई  युवा क्रांति की शुरुआत हो चुकी है जो देश को नए आयामों तक ले जाएगी, कई जानकारों का कहना है, की कन्हैया तो उसी दिन जीत गए थे जिस दिन उनके प्रतिद्वंद्वी पीछे हट  गए थे,




लेकिन जीत के बाद भी एक कठिन परीक्षा शुरू होती है, जिसमे जनता के प्यार और सम्मान को एक नई  दिशा देनी होती है, अब आने वाला समय बताएगा की देश की जनता कि उम्मीदों पर कितने खरे उतरते हैं, और उन माँओं को इंसाफ कब मिलता हैं जिनके लाल लापता है, जीतने के बाद इस लाल पर उन लालों की ज़िम्मेदारी भी होगी जिनकी माताएं आज अपने JNU के लाल के साथ कंधे से कन्धा मिला कर आज पूरे बेगूसराय में देश में क्रांति लाने के लिए चिलचिलाती धुप में अपने लाल कन्हैया कुमार के साथ है।