चमडे के सामान पर सरकार ने घटा दिया इन्सेंटिव,अब करिये ये काम

चमडे के सामान पर सरकार ने घटा दिया इन्सेंटिव,अब करिये ये काम

चमड़ा उद्योग वैसे तो भारत में काफी मशहूर था लेकिन फ़िलहाल ईद के मोके पर अचानक जानवरों की खाल का दाम गिर जाता है, जानकर बताते हैं की बरसात के मौसम में जब एड आती  है तो खाल का सही रख रखाव न होने के कारन खालें सड़ जाती है. या उनमे सुराख़ हो जाते हैं,तो अब हम और आप लोग क़ुरबानी की खाल का सही इस्तेमाल कैसे करें ? इसकी जानकारी वीडियो के माध्यम से जानिए वीडियो देखने के लिए निचे किलिक करें




इस वजह से खेलों के डैम गिर जाते हैं, कई जानकारों का कहना है की सरकार ने विदेशी व्यापार यानि चमड़े से बने सामान पर इंसेटिव घटा  दिया  2015  के बाद नीती में बदलाव कर इन्सेंटिव सवा 9% से घटा कर 2% कर दिया, साथ ही बची खुची कसर चयन लैदर ने पूरी कर दी जो की असल में रेक्सीन होती है, जिसे आम लोग लैदर  के धोखे में खरीद लेते हैं,
अब आते हैं इसका उपाए पर 

कई सालों से देख रहे हैं की बकरा ईद के मोके पर चमड़ा बर्बाद करने की अपील तेज़ हो जाती है, लेकिन क्या ये सही है ? इसी मामले को लेकर एक मुस्लिम नौजवान नसीर सेफी ने एक मुहीम की शुरुआत की है, जिसमे उनका कहना है,

इसकी जानकारी वीडियो के माध्यम से जानिये 

के अगर हम खाल को बर्बाद करने के बजाये उसका उद्योग लगा ले तो बेहतर होगा, चमड़े से बने सामान के भारत के मुक़ाबले विदेश में ज़्यादा कद्रदान हैं बात करते हुए नासीर अमेज़न वेबसाइट पर चमड़े का बेग बेचने वाले गिरजेश का जिक्र करते हैं,




गिरजेश ने अपनी छोटी सी चमड़े की दुकान से शुरुआत की थी, उसके बाद अमेज़न वेबसइट के साथ जुड़ कर आज वो एक सफल कारोबारी बन चुके है अब उनका सामान भारत में काम अमेरिका में ज़ादा बिकता है, ऐमज़ॉन पर काम करने वाले गिरजेश का वीडियो देखने के लिए नीचे  लिंक पर किलिक करें