कितना बदनसीब है सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड,तीन पत्थर भी ना मिल सके गुंबद के इस रामराज्य में ।

कितना बदनसीब है सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड,तीन पत्थर भी ना मिल सके गुंबद के इस रामराज्य में ।

कितना बदनसीब है सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड
तीन पत्थर भी न मिल सके इस रामराज्य में ।

इस पंक्ति के साथ बाबरी मस्जिद मामले के वकील राजीव धवन अपनी बात को पूरी खत्म करते है। अयोध्या फैसले के बाद राजीव धवन की यह पहला स्पीच थी । यह कार्यक्रम आज जवाहर भवन (रायसीना रोड़, नई दिल्ली) में हुआ । राजीव धवन द्वारा Justice Denied ( Ayodhya Verdict 2019) एक क़िताब का अनावरण भी किया गया । अयोध्या फैसले के बाद राजीव धवन ने संविधान दिवस मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथ अलग मनाने का फैसला किया । इस कार्यक्रम में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कई सीनियर सदस्य, वरिष्ठ वकील शकील अहमद के अलावा प्रभात पटनायर भी मौजूद रहे । संविधान दिवस पर बाबरी मस्जिद मामले में मुख्य वकील रहे धवन ने साफ किया बाबरी मस्जिद मामले के बाद देश की छवि ख़राब हुई है । उन्होंने इशारों इशारों में साफ़ किया कि जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है उस हिसाब ने उन्हें लगता है अब संविधान के अलावा दूसरे तरह से लड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए । उन्होंने महाराष्ट्र मौजूद मुद्दे से लेकर कश्मीर मुद्दे पर उन्होंने खुलकर बात रखी और केंद्र सरकार को घेरा । बाकी स्पीच बहुत लंबी रही और शानदार अनुभव भी प्राप्त हुआ । बाकी राजीव धवन द्वारा बताई गई टिकोना पार्क वाली स्टोरी अगले भाग में …. आज के लिए इतना ही ।।